महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीवी होस्ट शेफाली बग्गा को रायपुर स्थित अपने दफ्तर में तलब कर उनसे लंबी पूछताछ की। बग्गा पर आरोप है कि वे एक ऐसे व्यक्ति की करीबी हैं, जो देश में बेटिंग ऐप चलाने और उसे प्रमोट करने का काम करता है।
क्या है पूरा मामला ?
ED के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप एक विशाल अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के रूप में काम कर रहा था। यह नेटवर्क ‘पैनल’ और ‘ब्रांच’ के फ्रैंचाइज़ी मॉडल पर आधारित था, जिसे भारत भर में एजेंटों के माध्यम से चलाया जा रहा था। इस पूरे मामले में अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का आंकड़ा 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
दुबई से हो रहा था संचालन
जांच में खुलासा हुआ है कि इस सिंडिकेट के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल थे, जो दुबई से बैठकर पूरे अवैध कारोबार को नियंत्रित कर रहे थे। पिछले साल सौरभ चंद्राकर की दुबई में हुई 200 करोड़ रुपये की शाही शादी सुर्खियों में रही थी, जिसमें शामिल होने के लिए बॉलीवुड हस्तियां और परिजन निजी जेट से पहुंचे थे। वर्तमान में अधिकारी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित (Extradite) कराने की कोशिशों में जुटे हैं।
ED की अब तक की कार्रवाई
- गिरफ्तारियां: हाल ही में ईडी ने एबिक्स (Ebix) ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। वे इस मामले में गिरफ्तार होने वाले 14वें व्यक्ति हैं।
- आरोपी: एजेंसी ने रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में दायर पांच चार्जशीट में अब तक 74 संस्थाओं को आरोपी बनाया है।
- संपत्ति कुर्क: विकास गर्ग की गिरफ्तारी से कुछ हफ्ते पहले ही ED ने उनके, उनके परिवार और उनसे जुड़ी संस्थाओं की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रोविजनल रूप से अटैच की है। इसमें आवासीय संपत्तियां, जमीन और शेयर शामिल हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक कनेक्शन
ED का दावा है कि इस पूरे खेल में छत्तीसगढ़ के कई उच्च स्तरीय राजनेता और नौकरशाह भी शामिल रहे हैं। फिलहाल, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी एक-एक कड़ी को जोड़ने में लगी है। शेफाली बग्गा से हुई पूछताछ को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












