उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित विधान भवन में चल रहे सत्र के दौरान उस समय एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त कदम उठाते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के एक विधायक को पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर का रास्ता दिखा दिया। फिरोजाबाद जिले की जसराना विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव को अनुशासनहीनता और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप के चलते पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी काफी तेज हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, सदन के भीतर चल रही कार्यवाही के दौरान किसी मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला। स्थिति को नियंत्रित करने और सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए पीठासीन अधिकारी यानी विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया। अध्यक्ष के निर्देश पर मार्शलों ने सपा विधायक सचिन यादव को सदन से बाहर कर दिया। आदेश के मुताबिक, विधायक सचिन यादव अब इस पूरे सत्र की शेष बैठकों में शामिल नहीं हो पाएंगे। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद सदन के भीतर का माहौल और अधिक गरमा गया।
विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। सपा विधायकों का कहना है कि जनता के मुद्दों को उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, सत्ता पक्ष के नेताओं का तर्क है कि सदन की गरिमा और नियमों का पालन करना हर सदस्य की जिम्मेदारी है, और सदन के अंदर अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
इस पूरी घटना के बाद सदन के भीतर बढ़ते तनाव को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने आज की कार्यवाही को समय से पहले समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसी के साथ सदन की पूरी कार्यवाही को आगामी कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।













