अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की ओर से बताया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर कुछ चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि “ऐसी बात कही गई थी, लेकिन यह सिर्फ CIA तक लिमिटेड नहीं है, कई लोग ऐसा कह रहे हैं।” हालांकि, उन्होंने खुद इस जानकारी की पुष्टि नहीं की।

ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है। ईरान में समलैंगिकता कानून अपराध है और वहां इसे इस्लामिक कानून के तहत सख्ती से देखा जाता है, ऐसे में यह बयान और ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है।

इसी इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने सैन्य रूप से ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया है। उनके अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिसाइल क्षमता को काफी हद तक खत्म कर दिया है।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के कई जहाजों को नष्ट कर दिया है और मिसाइल लॉन्चर्स को भी खत्म कर दिया है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता बहुत कमजोर हो गई है।

हालांकि, ट्रंप के इन समझौतों की किसी स्वतंत्र या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है, जिससे इन बयानों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।

कुल मिलाकर, ट्रंप का यह बयान जहां एक ओर ईरान-अमेरिका तनाव के बीच नई बहस छेड़ रहा है, वहीं बिना सबूत के किए गए समझौतों को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है।

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