Delhi: भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इसके तहत भारतीय नौसेना में 10 ‘दृष्टि 10’ मीडियम एल्टिट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) का इंटरेक्शन चल रहा है।
बता दें, ‘दृष्टि 10 स्टारलाइनर, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक स्वदेशी MALE UAV है, जो भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम साबित हो रहा है। इस UAV की 36 घंटे से अधिक की स्टैमिना, 30,000 फीट तक की ऑपरेशनल ऊंचाई, और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल, सिंथेटिक एपरचर रडार, और सिग्नल्स इंटेलिजेंस सेंसर्स जैसी पेलोड क्षमता इसे समुद्री निगरानी के लिए उपयुक्त बनाती है।
वहीं, एडमिरल त्रिपाठी ने बताया कि एक दृष्टि 10 RPA पहले ही पूरी तरह से ऑपरेशनल हो चुका है और इसे भारतीय नौसेना की प्रशिक्षित क्रू द्वारा सक्रिय रूप से उड़ाया जा रहा है। यह RPA अब महत्वपूर्ण इंटेलिजेंस, सर्विलांस, और रिकॉन्सेंस (ISR) मिशनों को अंजाम दे रहा है, खासतौर पर समुद्री क्षेत्रों में हैं।
बता दें दृष्टि 10 का परिचय भारतीय नौसेना के लिए समुद्र के विशाल क्षेत्रों की निगरानी, खतरों का पहले पता लगाने, और एंटी-सबमरीन युद्ध, खोज और बचाव तथा ओवर-द-होरिजन टार्गेटिंग जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं को निभाने के लिए एक मजबूत कदम है। यह प्लेटफॉर्म स्वदेशी निर्माण के माध्यम से हैदराबाद में स्थानीय रूप से तैयार किया गया है और इसमें वैश्विक डिजाइन के साथ तकनीकी हस्तांतरण का भी योगदान है।
वहीं, यह विकास भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तकनीकी उन्नति से भारतीय नौसेना को लंबे समय तक समुद्री निगरानी के लिए अपनी स्वायत्तता मिलेगी और यह मैन एयरक्राफ्ट पर निर्भरता को कम करेगा। साथ ही, यह उच्च-तीव्रता वाले ऑपरेशंस के लिए क्रू द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म को मुक्त करेगा।
जैसे-जैसे इन UAVs की संख्या बढ़ेगी, भारतीय नौसेना समुद्र के बड़े हिस्से में प्रभावी निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम होगी। यह नौसेना के संचालन में स्वतंत्रता का एक नया अध्याय होगा, जो बढ़ती हुई इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने में सहायक साबित होगा।














