Delhi: हर साल वृद्धि में टॉप पर रहने वाला इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस साल का उस मुकाम पर नहीं पहुंच पाया है। जिस तरीके से हर साल कमाई में वृद्धि करता था। इस बार कई अन्य जगहों के एयरपोर्टों ने वृद्धि कायम की है। इसके विपरीत, भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट, मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट इन झटकों से थोड़ा कम प्रभावित हुआ है।
बता दें, सदियों से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट हर साल नई ऊचाइयों को छूता आ रहा था, लेकिन इस बार 2025 में कुछ ऐसा हुआ जो कोविड और 2008 की मंदी के अलावा पहली बार देखने को मिला। इस साल यात्री संख्या में कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई। 2025 में करीब 7.8 करोड़ यात्रियों ने उड़ान भरी और यहां से उतरे, जो 2024 के आंकड़ों के बराबर था। यह संख्या 2023 के 7.2 करोड़ से 8.3 करोड़ तक बढ़ी थी। हालांकि, इस साल एयरपोर्ट की 8% सालाना ग्रोथ नदारद रही।
बता दें, टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट के मुख्य रनवे कई महीनों तक मरम्मत के कारण बंद रहा। मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उत्तर और मध्य भारत के 32 एयरपोर्ट कुछ दिनों के लिए बंद हो गए थे। पाकिस्तान का एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए बंद रहने के कारण दिल्ली के पश्चिमी रूट भी प्रभावित हुए। एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 दुर्घटना के बाद एयरलाइन ने उड़ानों की संख्या में कमी की। वहीं, दिसंबर में इंडिगो के शेड्यूल में बड़ा व्यवधान आया। इन घटनाओं के कारण दिल्ली एयरपोर्ट को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा।
बता दें, दिल्ली उत्तर भारत के दिल में स्थित है और एयर इंडिया और इंडिगो दोनों के लिए यह मुख्य हब है, इस कारण दिल्ली को इन झटकों का सबसे ज्यादा असर हुआ।
इसके विपरीत, भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट, मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट इन झटकों से थोड़ा कम प्रभावित हुआ है।
बता दें, राष्ट्रीय स्तर पर तस्वीर सकारात्मक है। DGCA के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-नवंबर 2025 के दौरान घरेलू यात्रियों की संख्या 15.3 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 4.8% की बढ़ोतरी है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या भी जनवरी से सितंबर तक 5.7 करोड़ हो गई, जो 7.5% की वृद्धि दर्शाती है। इसका मतलब है कि देशभर में हवाई यात्रा में रौनक बरकरार है, हालांकि दिल्ली थोड़ा ठहर गई है।
शॉर्ट टर्म में दिल्ली की ग्रोथ थोड़ी सुस्त रह सकती है, क्योंकि इस साल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट खुलने की उम्मीद है, जो घरेलू यात्रियों का नया केंद्र बन सकता है। दिल्ली एयरपोर्ट की क्षमता तो 10.5 करोड़ यात्रियों की है, लेकिन फिलहाल यह आंकड़ा भी 8 करोड़ के आसपास ही है। एयरलाइंस को उम्मीद है कि दिल्ली एयरपोर्ट ऑपरेटर (DIAL) इस ‘सांस लेने का समय’ का अच्छे से इस्तेमाल करेगा।















