लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को स्मार्टफोन के जरिए रीयल टाइम डेटा प्राप्त होगा, जिससे काम आसान और पारदर्शी होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने और काम की गति तेज करने के लिए है।
सीएम योगी ने इस अवसर पर 702 आंगनबाड़ी केंद्रों का शिलान्यास किया और 71 अन्य विकास परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा, 313 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार तेजी से काम कर रही है और आंगनबाड़ी केंद्रों की नींव मजबूत कर रही है, जिससे भारत का भविष्य संवर रहा है।
सीएम ने कहा कि सुखद परिणाम सभी के सामने हैं, और पहले स्थिति अलग थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले शराब माफिया पोषण सामग्री वितरित करता था, और चीजें खाने लायक नहीं दी जाती थीं। उन्होंने कहा, “ठेका देने वाले आज नारेबाजी कर रहे हैं, पहले सरकार में माफिया का वर्चस्व था।”
सीएम ने कहा कि अब बिना पैसा दिए नौकरी मिल रही है, जबकि पहले यह संभव नहीं था। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से पहले सिफारिश और पैसा दोनों चलता था, और सरकारी कामकाज में पर्ची और खर्ची का बोलबाला था। उनका कहना था कि पहले गरीबों के हक पर डकैती डाली जाती थी, लेकिन अब सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और लाभार्थियों तक सीधे मदद पहुँच रही है।
सीएम योगी के इस संबोधन में साफ संदेश था कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे, और भ्रष्टाचार के पहले वाले दौर की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी।













