मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच चीन ने ईरान के प्रति मानवीय सहयोग का ऐलान किया है। चीन ने कहा है कि वह Iranian Red Crescent Society को 2 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता प्रदान करेगा। यह जानकारी चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने दी।
मीडिया से बातचीत में Guo Jiakun ने कहा कि चीन आम नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर होने वाले अंधाधुंध हमलों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। चीन सभी पक्षों से बातचीत के जरिए तनाव कम करने की दिशा में काम करता रहेगा।
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार बीजिंग पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़े सभी पक्षों के संपर्क में बना रहेगा। Guo Jiakun ने कहा कि चीन सीधे तौर पर संघर्ष में शामिल देशों के साथ संवाद को मजबूत करेगा और क्षेत्र में तनाव कम करने तथा शांति बहाल करने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।
इस बीच चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने भी अमेरिका और इज़रायल की कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए सैन्य कार्रवाई करना चिंता का विषय है, जबकि दूसरी ओर ईरान के साथ शांति वार्ता जारी रखने की बात भी कही जा रही है।
चीन ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz में उत्पन्न हालात पर भी चिंता जताई है। चीन का कहना है कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
Guo Jiakun ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास का समुद्री क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की अहम लाइफलाइन है। इसलिए इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना पूरी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में है।
चीन ने अमेरिका, इज़रायल और ईरान सहित सभी संबंधित पक्षों से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने और तनाव को और बढ़ने से रोकने की अपील की है। चीन का मानना है कि मौजूदा समय में सबसे बड़ी प्राथमिकता संघर्ष को समाप्त करना और क्षेत्रीय संकट को वैश्विक आर्थिक विकास पर असर डालने से रोकना होना चाहिए।
चीन ने स्पष्ट किया कि बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही इस संकट का स्थायी समाधान संभव है और सभी देशों को इस दिशा में जिम्मेदारी के साथ कदम उठाने चाहिए।












