New Delhi: फेयर ट्रेड रेगुलेटर, कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) द्वारा जारी सोलर पावर टेंडर में अडानी ग्रुप और एज़्योर पावर पर लगाए गए एंटी-कॉम्पिटिटिव आरोपों को खारिज कर दिया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अडानी ग्रीन एनर्जी फोर लिमिटेड, एज़्योर पावर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और अन्य संबंधित पक्षों ने मार्केट में प्रतिस्पर्धा रोकने के लिए कई अनैतिक तरीके अपनाए थे। इसके साथ ही यह भी आरोप था कि इन कंपनियों ने SECI के साथ सरकारी पावर यूटिलिटी कंपनियों को कथित तौर पर रिश्वत देकर पावर परचेज एग्रीमेंट किया।
लेकिन CCI ने अपने आदेश में कहा कि भारत के पावर जेनरेशन मार्केट में कई बड़े पब्लिक और प्राइवेट प्लेयर हैं, जैसे नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC), टाटा पावर, और रिलायंस पावर। इसके कारण, पहली नजर में अडानी ग्रुप को एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में नहीं देखा जा सकता।
CCI ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को सही साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं पेश किए गए थे। टेंडर में “ग्रीन शू ऑप्शन” और अन्य शर्तों को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले।
कुल मिलाकर, CCI ने मामले को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया और कोई भी एंटी-कॉम्पिटिटिव एक्टिविटी नहीं पाए जाने का दावा किया।













