एआईएमआईएम ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। पार्टी ने हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी से अपना गठबंधन तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का ऐलान किया है। एआईएमआईएम ने कहा कि हुमायूं कबीर के हालिया बयानों और खुलासों के कारण मुसलमानों की अखंडता पर सवाल उठ रहे हैं, इसलिए इस गठबंधन को समाप्त किया गया है।

एआईएमआईएम का कड़ा बयान: मुसलमानों की एकता पर असर डालने वाले बयान स्वीकार नहीं किए जा सकते

एआईएमआईएम ने एक कड़े बयान में स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे बयान या व्यक्ति से संबंध नहीं रख सकती जिससे मुसलमानों की एकता और अखंडता प्रभावित हो। पार्टी ने कहा कि मुसलमानों के बीच एकता बनाए रखना पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और ऐसे बयान पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

पार्टी की स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा

इस फैसले के बाद, एआईएमआईएम ने यह घोषणा की है कि वह पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों में स्वतंत्र रूप से अपनी ताकत आजमाएगी। पार्टी ने पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई। एआईएमआईएम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समेत अन्य धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के शासन के बावजूद मुसलमान राज्य के सबसे गरीब और उपेक्षित समुदायों में से एक बने हुए हैं।

टीएमसी ने हुमायूं कबीर पर भाजपा से गुप्त समझौते का आरोप लगाया

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने हुमायूं कबीर पर भाजपा के साथ गुप्त समझौते करने का गंभीर आरोप लगाया है। टीएमसी ने इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित किया है, जिसमें कबीर को कथित तौर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ संबंध बनाने और ममता बनर्जी को हराने की रणनीति बनाते हुए दिखाया गया है।

टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और कुणाल घोष ने प्रेस कांफ्रेंस में यह वीडियो साझा किया और इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की। यह वीडियो पिछले साल दिसंबर महीने का बताया जा रहा है, और इसमें कबीर कथित रूप से यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि वह ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

हुमायूं कबीर के गुप्त समझौते का आरोप

वीडियो में कबीर के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा, और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से संपर्क में होने का दावा किया गया है। टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह एक बहु-करोड़ की साजिश का हिस्सा है, जो राज्य में भाजपा को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

एआईएमआईएम का दावा: मुसलमानों की असली आवाज उठाने का समय

एआईएमआईएम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस समेत धर्मनिरपेक्षता का दावा करने वाली पार्टियां मुसलमानों के लिए सही कार्य नहीं कर पाई हैं। पार्टी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुसलमानों की स्थिति को देखते हुए अब समय आ गया है कि उनकी असली आवाज उठाई जाए और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया जाए।

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