राजधानी लखनऊ को दहला देने वाले चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में एक के बाद एक ऐसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिन्होंने न केवल इस अपराध की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि पुलिस और कानून-व्यवस्था के इकबाल पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की मुख्य आरोपी और ‘ब्लैकमेल क्वीन’ के नाम से कुख्यात श्रद्धा दुबे और मृतक शिवा शर्मा के बीच हुई आक्रामक बातचीत का एक नया ऑडियो टेप वायरल हो रहा है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद हत्या की इस वारदात के पीछे छिपे ब्लैकमेलिंग, निजी उत्पीड़न और अवैध धंधों के एक बड़े नेटवर्क की परतें उधड़ती नजर आ रही हैं।
वायरल ऑडियो क्लिप में श्रद्धा दुबे मृतक शिवा शर्मा को न केवल बेहद अश्लील और अभद्र गालियां देती सुनाई दे रही है, बल्कि वह उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ देने की धमकियां भी दे रही है। बातचीत के दौरान श्रद्धा का अहंकार और सनक साफ झलकती है। वह शिवा को यह कहकर डराती है कि उसने उसके निजी वीडियो बना लिए हैं और वह उन्हें उसके परिचितों तथा पूरे शहर में फैलाकर उसका तमाशा बनाएगी। ऑडियो में श्रद्धा यह कहती सुनाई देती है, “पूरा शहर हंस रहा है कि कुत्ता बना के मारा मैंने तुझे… तू जितना इरिटेट करेगा, उतना फैलाती जाऊंगी मैं अब यह बात।”
इस बातचीत में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला पहलू ‘गोल्ड के काम’ और ‘पंटरों’ का जिक्र है। श्रद्धा, शिवा पर अपने पंटरों को काटने का आरोप लगाते हुए कहती है कि उसने उसके सोने के कारोबार की भी पूरी रिकॉर्डिंग कर रखी है। इससे यह आशंका गहराई हो गई है कि इस हत्याकांड के तार केवल आपसी रंजिश या ब्लैकमेलिंग तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे सोने की अवैध तस्करी या किसी संगठित गिरोह का बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। शिवा ऑडियो में खुद को बेकसूर बताते हुए मिन्नतें करता दिखता है, लेकिन श्रद्धा का रुख बेहद हमलावर और बेपरवाह नजर आता है।
दूसरी ओर, इस सनसनीखेज ऑडियो के उजागर होने के साथ ही श्रद्धा दुबे के संभावित कानूनी दांव-पेच की खबरें भी तेजी से फैल रही हैं। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि वह लखनऊ पुलिस की पकड़ से बचने के लिए रायबरेली और आगरा के रास्ते सहारनपुर के आसपास तक पहुंच गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह 21 अक्टूबर की सुबह सहारनपुर की किसी अदालत में साइबर फ्रॉड के पुराने मामले में चुपके से आत्मसमर्पण कर सकती है।
अब सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा होता है कि यदि मुख्य आरोपी किसी दूसरे जिले या हलके मामले में सरेंडर कर जेल चली जाती है, तो शिवा शर्मा हत्याकांड की मूल जांच का क्या होगा? लखनऊ पुलिस के तीन अधिकारियों पर गाज गिरने के बाद खाकी की भूमिका पर पहले ही दाग लग चुके हैं। आरोपी का खुलेआम घूमना, मीडिया में साक्षात्कार देना और अब किसी अन्य मामले में सरेंडर की योजना बनाना, पुलिसिया सुस्ती और जांच की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।












