सात समंदर पार की दूरियां, अलग-अलग भाषाएं और खान-पान की संस्कृति—जब प्यार परवान चढ़ता है, तो ये सारी सरहदें अपने आप बेमानी हो जाती हैं। कुछ ऐसी ही दिल को छू लेने वाली अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों बिहार के भागलपुर से सामने आई है, जहाँ रूस की रहने वाली जूली अपने प्यार राहुल यादव के लिए अपना देश छोड़कर भारत आ पहुंची है।
भागलपुर जिले के रहने वाले राहुल यादव रोजगार के सिलसिले में रूस गए थे। वहीं उनकी मुलाकात रूसी बाला जूली से हुई। धीरे-धीरे मेल-जोल बढ़ा, आंखों ही आंखों में बातें हुईं और देखते ही देखते यह मुलाकातें गहरे प्यार में तब्दील हो गई। दिल लग चुका था और दोनों ने ताउम्र एक-दूसरे का साथ निभाने की कसम खा ली।
जब राहुल को वापस अपने घर भागलपुर लौटना पड़ा, तो रूस में बैठी जूली के लिए हर एक पल बिताना मुश्किल हो गया। प्यार की कसौटी पर खरी उतरी इस विदेशी मेम ने दूरी की हर दीवार को तोड़ दिया और खुद अपने परिजनों के साथ भागलपुर आ धमकी। भागलपुर की धरती पर विदेशी मेहमानों के कदम पड़ते ही स्थानीय लोगों के बीच हचलच और उत्सुकता का माहौल बन गया।
यहाँ आने के बाद जूली के परिवार वालों ने राहुल के परिजनों से मुलाकात की। दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद अब इसी साल नवंबर महीने में इस अनोखे जोड़े की शादी की शहनाइयां बजने वाली हैं। शादी की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं।
इस बीच, जब राहुल ने प्यार भरे अंदाज में जूली को अपनी आर्थिक स्थिति और कच्चे मकान (झोपड़ी) के बारे में बताया कि उनके पास कोई बड़ा आलीशान बंगला नहीं है, तो जूली का जवाब सुनकर हर कोई अवाक रह गया। विदेशी मेम ने हंसते हुए कहा कि उसे किसी बंगले या चकाचौंध की चाह नहीं है, उसे तो सिर्फ राहुल का साथ चाहिए और वह इस झोपड़ी में भी बेहद खुशी के साथ रहने को तैयार है। प्यार की यह अनूठी मिसाल आज हर किसी की जुबान पर है।














