डेस्क : सऊदी अरब में हवाई सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 309 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कई लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।
हमले में कई देशों के नागरिक प्रभावित
बता दे कि सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, मृतकों में सऊदी अरब के नागरिकों के अलावा बांग्लादेश और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों ने घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और हमले से हुई संपत्ति की क्षति का आकलन करने की बात कही है। हमले के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए आपातकालीन सेवाएं सक्रिय की गईं। एहतियातन हवाई अड्डे का संचालन भी अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ।
उड़ानों पर पड़ा बड़ा असर
हमले के बाद रियाद आने-जाने वाली कई उड़ानों का संचालन बाधित हुआ। उड़ानों की निगरानी करने वाली वेबसाइट फ्लाइटअवेयर के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे के दौरान 225 उड़ानें रद्द हुईं। कुछ विमानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ने की जानकारी भी सामने आई है।फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा समूह और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस समेत कई विमानन कंपनियों ने सऊदी अरब के लिए अपनी सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित किया है। अमेरिका ने भी अपने नागरिकों को एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
एयर इंडिया ने भी बढ़ाई उड़ानें रद्द रखने की अवधि
सुरक्षा हालात को देखते हुए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद की उड़ानों को लेकर अपने फैसले में बदलाव किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें 14 अक्टूबर तक और एयर इंडिया की उड़ानें 15 अक्टूबर तक रद्द रखने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले दोनों कंपनियों ने 10 अक्टूबर तक सेवाएं रोकने की घोषणा की थी।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी चिंता
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब सऊदी अरब और यमन के बीच सुरक्षा तनाव को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में एयरपोर्ट पर हाल के दिनों में हुए अन्य हमलों का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, इस ताजा हमले की जिम्मेदारी और उसके पीछे की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। फिलहाल, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें और संबंधित सरकारी यात्रा परामर्श पर नजर रखें।













