दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। ट्रेनें रद्द होने और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “भले ही दिल्ली जाने का टिकट बंद कर दो, हम दिल्ली जरूर जाएंगे। दिल्ली किसी की बपौती नहीं है।” संजय सिंह ने सरकार को युवाओं से टकराव मोल नहीं लेने की नसीहत भी दी।
बाराबंकी में संजय सिंह का केंद्र सरकार पर हमला
AAP सांसद संजय सिंह बाराबंकी के दरियाबाद में पार्टी की ओर से आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। यहां उन्होंने बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। संजय सिंह ने कहा कि उन्हें भी दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का टिकट नहीं मिला, लेकिन वह दिल्ली जरूर जाएंगे।
उन्होंने दिल्ली में CJP की ओर से आयोजित कार्यक्रम को समर्थन दिया। साथ ही, प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर नाराजगी जाहिर की।
“सरकार नौजवानों से टकराव मोल न ले”
संजय सिंह ने कहा कि सरकार को नौजवानों से टकराव मोल लेने से बचना चाहिए। उन्होंने बीजेपी और मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए युवाओं की ताकत का जिक्र किया और इसे लेकर राजनीतिक चुनौती दी।
AAP सांसद का बयान ऐसे समय आया है, जब जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और राजधानी पहुंचने वाले लोगों की आवाजाही पर पाबंदियों की खबरें सामने आई हैं।
CJP के प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
जंतर-मंतर पर CJP के साथ कई संगठनों और राजनीतिक दलों ने विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि चुनाव प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों के आरोपों की जवाबदेही तय की जाए। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है।
प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी, पुलिस बल तैनात
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय बलों और दूसरे राज्यों से आए पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शन और रैली की अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही गई है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पहुंचने और अपनी मांगें उठाने का ऐलान किया है। ऐसे में राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर बनी हुई है।













