नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाओं में ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग के साथ-साथ चुनाव आयोग के कुछ फैसलों को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ महत्वपूर्ण फैसले दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए।
दिल्ली : CEC के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई,सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया,CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन पर चुनाव आयोग को नोटिस,कोर्ट ने कहा कि-”हम किसी भी फैसले को रद्द कर सकते हैं,पहले EC का जवाब आने दीजिए।” https://t.co/yJkWHK6hCz
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) October 5, 2026
चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के स्तर पर लिए गए कुछ फैसलों में सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।
‘पहले EC का जवाब आने दीजिए’
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले में पहले चुनाव आयोग का पक्ष जानने की बात कही। अदालत के समक्ष याचिकाओं में CEC के कथित एकतरफा फैसलों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।
दोनों चुनाव आयुक्तों को दरकिनार करने का आरोप
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि CEC ज्ञानेश कुमार ने कुछ फैसले चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के बिना लिए। याचिकाकर्ताओं ने इसे चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर सवाल बताया है।
SIR से जुड़े फैसलों पर भी सवाल
मामला विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े फैसलों तक भी पहुंचा है। याचिकाओं में SIR और उससे जुड़े कुछ निर्णयों को चुनौती दी गई है तथा पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।














