लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा के चर्चित लीजबैक मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ PCS अधिकारी हरीश चंद्र को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। हरीश चंद्र 1997 बैच के PCS अधिकारी हैं और नोएडा प्राधिकरण में सचिव पद पर तैनात रह चुके हैं। वर्तमान में वह खाद्य एवं रसद विभाग में स्थानिक प्रतिनिधि के पद पर कोलकाता में तैनात थे।
बता दे कि मामला वर्ष 2011 में नोएडा प्राधिकरण की ओर से किए गए लीजबैक से जुड़ा है। विभागीय जांच में करीब 3 लाख 81 हजार 527 वर्गमीटर जमीन के नियमों के विपरीत लीजबैक किए जाने की बात सामने आई। जांच के अनुसार एक्सप्रेसवे के पास शहदरा गांव से सटी इस जमीन की बाजार कीमत करीब 3,800 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
नियमों के मुताबिक लीजबैक की सुविधा पात्र स्थानीय किसानों के लिए थी और एक परिवार को अधिकतम 450 वर्गमीटर तक जमीन दिए जाने का प्रावधान था। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर गांव के गैर-निवासी लोगों और निजी कंपनियों के नाम भी बड़े भूखंडों का लीजबैक किया गया। जांच में 175 वर्गमीटर से लेकर 15,340 वर्गमीटर तक के भूखंडों का उल्लेख सामने आया है।
मामले की जांच नोएडा प्राधिकरण की तत्कालीन CEO रितु माहेश्वरी को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट के बाद विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक बर्खास्तगी की कार्रवाई विभागीय जांच में सिद्ध आरोपों, लोक सेवा आयोग की सहमति और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के 3 सितंबर 2026 के आदेश में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई।













