जब आसमान लगातार बरसने लगे और हवाओं में सिहरन घुल जाए, तो उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रहने वाले लोगों की धड़कनें तेज होना लाजिमी है। पिछले 60 घंटों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही अनवरत और मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते अब तक कुल 56 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि 46 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
सबसे ज्यादा दर्दनाक आंकड़े सीतापुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, अयोध्या और गोरखपुर से सामने आए हैं, जहां अपनों को खोने के गम में परिवार गहरे सदमे में हैं। बारिश का यह तांडव केवल इंसानी जिंदगियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 107 बेजुबान मवेशियों की भी जान चली गई और 1021 से अधिक कच्चे-पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हरदोई, सीतापुर, चंदौली और औरैया जैसे जिलों में लोगों के सिर से छत छिन चुकी है, जिससे वे खुले आसमान के नीचे या सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
हालांकि, इस मुश्किल घड़ी में प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी से मैदान में उतर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों तक फौरी मदद पहुंचाने के साथ-साथ जनहानि और पशुहानि के मामलों में मुआवजा वितरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। अधिकारी लगातार जमीनी स्तर पर हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि हर पीड़ित तक समय पर राहत पहुंचाई जा सके और इस आपदा के घाव पर मरहम लगाया जा सके।














