उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की गोली मारकर की गई हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से राजनीतिक दलों के नेताओं का बंतीखेड़ा गांव पहुंचना जारी है, जहां बीजेपी के पूर्व सांसद संजीव बालियान समेत कई स्थानीय नेता अंतिम संस्कार में शामिल हुए. इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बयानों के बाद इस घटना पर सियासी पारा काफी हाई हो गया है.
लोकप्रिय युवा गायक स्व. अंकित बालियान के दुखी पिता से बात करके हमने उन्हें ये आश्वासन दिया कि इंसाफ़ की इस लड़ाई में हम हर क़दम पर उनके साथ हैं।
रक्षाबंधन के ठीक पहले जिन बहनों ने अपना भाई खोया है और माता-पिता ने पुत्र उनका दुख अपार है। बालियान समाज भी अपने उभरते हुए सितारे को… pic.twitter.com/rGEVGmhFlW
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 28, 2026
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने जाट समाज के आक्रोश का जिक्र किया था. जयंत ने बिना नाम लिए स्पष्ट किया कि किसी भी गंभीर अपराध और हत्या जैसी घटना में मृतक की जाति तलाशना और यह कहना कि उस जाति के लोगों में आक्रोश है, अपने आप में एक बड़ी संवेदनहीनता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सभी राजनीतिक और जातिगत भेदों से ऊपर उठकर मानवीय रिश्तों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
किसी भी अपराध में पीड़ित के साथ सभ्य समाज की संवेदना होती है, और सम्पूर्ण समाज का सहारा होता है।
हत्या जैसा संगीन अपराध में मृतक की जाति को तलाशना और कहना की उसके जाति के लोगों में आक्रोश है, अपने आप में संवेदनहीनता है क्योंकि ऐसी घड़ी में सभी विचार, जाति और क्षेत्र या अन्य भेद…
— Jayant Singh (@jayantrld) August 28, 2026
आरएलडी प्रमुख ने मांग की कि अंकित बालियान के परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए, और यह केवल किसी एक जाति या गोत्र का विषय नहीं है, बल्कि हर न्यायप्रिय नागरिक का मुद्दा है. इससे पहले अखिलेश यादव ने इस हत्याकांड पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट समुदाय इस घटना को अपने ऊपर प्रहार मान रहा है, साथ ही उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के एंगल से भी जांच की मांग की थी. बहरहाल, दोनों दिग्गजों के इन बयानों के बाद से पश्चिमी यूपी की राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है.














