देश की राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में आई अचानक तेजी ने स्वास्थ्य महकमे और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में H1N1 के मामले 1,777 के पार पहुंच चुके हैं, जिसे देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रभाव, प्याज और चीनी की कीमतों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई है।
दूसरी ओर, देवभूमि उत्तराखंड में भी स्वाइन फ्लू ने अपनी दस्तक दे दी है। राज्य में अब तक 31 मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा मामले राजधानी देहरादून से दर्ज किए गए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और मरीजों के बेहतर और त्वरित इलाज के लिए एक विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जा रही है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, दवाओं की उपलब्धता और आवश्यक जांच सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। दोनों ही राज्यों के प्रशासन ने आम जनता से पैनिक न होने और फ्लू के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की अपील की है।












