नई दिल्ली: महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को बृजभूषण शरण सिंह और सह आरोपी विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने यह फैसला सुनाया। फैसला आने से पहले बृजभूषण शरण सिंह कोर्ट पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ वही सुनूंगा जो अदालत कहेगी। मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है।”
क्या था मामला?
यह मामला छह महिला पहलवानों द्वारा बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा था। महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
इस मामले ने देशभर में काफी चर्चा बटोरी थी और पहलवानों ने आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए थे। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को आरोपों से बरी कर दिया।
2023 में दाखिल हुई थी चार्जशीट
दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354, 354A, 354D और 506(1) के तहत आरोप लगाए गए थे।
इसके बाद 10 मई 2024 को ट्रायल कोर्ट ने पांच महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न और उनकी लज्जा भंग करने के आरोपों में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय किए थे।
उस समय अदालत ने कहा था कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य आईपीसी की धारा 354 और 354A के तहत आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं।
हालांकि, अब अदालत ने अपने फैसले में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार है, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि किन आधारों पर दोनों को राहत दी गई।












