लखनऊ : सोमवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) एडमिनिस्ट्रेशन ने एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए अपने सभी 18 हॉस्टल मेस में नॉन-वेज खाना पकाने और परोसने पर तुरंत बैन लगा दिया। हालांकि, स्टूडेंट्स अपनी पसंद के हिसाब से बाहर से नॉन-वेज खाना ऑर्डर कर सकेंगे या खुद बना सकेंगे।
मेस में नॉन-वेज पर पूरी तरह बैन लगाने का ऑर्डर जारी किया गया
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला गवर्नर आनंदीबेन पटेल के हालिया ऑब्जर्वेशन और निर्देशों के बाद लिया गया है। KGMU के स्पोक्सपर्सन प्रो. के.के. सिंह के मुताबिक, हॉस्टल के इंस्पेक्शन के दौरान, गवर्नर ने नॉन-वेज पकाने की जगहों पर सफाई की कमी और सफाई से जुड़ी दूसरी चिंताओं पर अपनी नाराजगी जताई। वही इसके बाद स्टूडेंट वेलफेयर के डीन और चीफ प्रॉक्टर की सहमति से मेस में नॉन-वेज पर पूरी तरह बैन लगाने का ऑर्डर जारी किया गया।
KGMU के दीक्षांत समारोह में मौजूद थीं गवर्नर
बता दें कि गवर्नर आनंदीबेन पटेल यूपी यूनिवर्सिटीज़ की चांसलर भी हैं। उन्होंने सोमवार को KGMU के दीक्षांत समारोह में स्टूडेंट्स को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनभवन सेक्रेटेरिएट की एक टीम ने यूनिवर्सिटी बिल्डिंग्स के इंस्पेक्शन के दौरान तीन हॉस्टल्स में नॉन-वेज खाना बनते हुए पाया, लेकिन उन्होंने इसे रोकने का ऑर्डर नहीं दिया।
मेस में एक्सपायर हो चुके मसाले इस्तेमाल होते पाए गए
वही खाने की क्वालिटी पर गवर्नर ने चिंता जताई और कहा कि 500 से ज़्यादा स्टूडेंट्स वाले हॉस्टल के इंस्पेक्शन के दौरान दो मेस में एक्सपायर हो चुके मसाले इस्तेमाल होते पाए गए। उन्होंने इसे एक गंभीर गलती बताया। साथ ही KGMU एडमिनिस्ट्रेशन से विजिलेंस बढ़ाने को कहा। साथ ही खाने की क्वालिटी में सुधार करें और पक्का करें कि स्टूडेंट्स को अच्छी क्वालिटी का पनीर मिले।
वॉशिंग मशीन लगाने का भी निर्देश दिया
यूनिवर्सिटी को सभी हॉस्टल में गवर्नर ने वॉशिंग मशीन लगाने का भी निर्देश दिया। वही इस मामले में यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने कहा कि अचानक हुए इंस्पेक्शन के दौरान टीमों ने दो-तीन कमियां बताई थीं और एक्सपायर हो चुके मसालों के इस्तेमाल पर कार्रवाई समेत सुधार के कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं।













