नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर निर्माण से जुड़े जमीन खरीद के कथित घोटाले का मामला एक बार फिर गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस कथित घोटाले के संबंध में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार द्वारा लिखे गए पत्र का स्वागत किया है। संजय सिंह ने कहा कि अगर प्रशासन विपक्षी दलों की आवाज को अनसुना कर रहा है, तो कम से कम अब वीएचपी जैसे संगठन की बात को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई करे।
दिल्ली : VHP अध्यक्ष के पत्र पर बोले संजय सिंह-
”प्रशासन VHP अध्यक्ष की बात पर कार्रवाई करें,VHP का पत्र राजनीतिक मंशा से प्रेरित,पत्र में कुछ नाम,कई लोगों का जिक्र नहीं,विनय कटियार का नाम नहीं, श्रद्धालुओं से दान लेने के बाद रसीद नहीं दी गई.”@SanjayAzadSln pic.twitter.com/aZjsM95iS9
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 5, 2026
‘वीएचपी का पत्र राजनीतिक मंशा से प्रेरित, विनय कटियार का नाम गायब क्यों?’
हालांकि, पत्र का स्वागत करने के साथ ही संजय सिंह ने विश्व हिंदू परिषद की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वीएचपी का यह कदम पूरी तरह से निष्पक्ष नहीं है और यह राजनीतिक मंशा से प्रेरित लगता है।
संजय सिंह के मुताबिक:
“इस पत्र में चुनिंदा तौर पर कुछ ही लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि बीजेपी के फायरब्रैंड नेता रहे विनय कटियार समेत कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों का जिक्र तक नहीं किया गया है। नामों की यह चयनात्मक सूची साफ तौर पर भेदभाव को दर्शाती है।”
चम्पत राय और अनिल मिश्रा पर करोड़ों की अनियमितता के आरोप दोहराए
संजय सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा समेत अन्य पदाधिकारियों पर जमीन खरीद में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी और अनियमितताओं के अपने पुराने आरोपों को फिर से दोहराया। उन्होंने दावा किया कि कौड़ियों के दाम मिलने वाली जमीनों की खरीद में कागजों पर भारी-भरकम कीमतें दिखाकर बड़ा वित्तीय घोटाला किया गया है। संजय सिंह ने कहा कि वे इस पूरे मामले की विस्तृत शिकायत महीनों पहले ही संबंधित केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंप चुके हैं।
‘श्रद्धालुओं को नहीं दी गई दान की रसीद, सबूत देने को तैयार हैं लोग’
जमीन घोटाले के अलावा आप सांसद ने ट्रस्ट पर एक और गंभीर आरोप मढ़ते हुए कहा कि देश-विदेश से आने वाले कई राम भक्तों और श्रद्धालुओं से भारी मात्रा में दान (चंदा) लिया गया, लेकिन उन्हें कोई आधिकारिक रसीद (Receipt) मुहैया नहीं कराई गई।
उन्होंने दावा किया कि यदि देश की स्वतंत्र जांच एजेंसियां इस मामले की निष्पक्ष जांच शुरू करती हैं और गवाहों को बुलाती हैं, तो कई लोग खुद सामने आकर ट्रस्ट के खिलाफ बयान और पुख्ता सबूत देने को तैयार बैठे हैं। संजय सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस पूरे संवेदनशील मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।















