लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित विभूति खंड स्थित समिट बिल्डिंग में पकड़े गए फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे गिरोह के मुख्य सरगना विनीत शर्मा पर लखनऊ पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। विनीत शर्मा और उसके मददगारों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले की गंभीरता और विदेशी कनेक्शन को देखते हुए अब केंद्रीय जांच एजेंसियां भी इस तफ्तीश में शामिल हो गई हैं।
हर ट्रांजैक्शन से पहले भेजा जाता था ‘सीक्रेट कोड’
जांच के दौरान पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के हाथ कई चौंकाने वाले सुराग लगे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर की जाने वाली इस ठगी का नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। गिरोह के सदस्य हर अवैध लेनदेन (लेन-देन) से पहले एक ‘सीक्रेट कोड’ का इस्तेमाल करते थे। बिना इस कोड के कोई भी ट्रांजैक्शन आगे नहीं बढ़ता था, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।
गुजरात और बंगाल पुलिस से संपर्क, कॉल रिकॉर्ड्स से खुले कई राज
ठगी के इस बड़े नेटवर्क के तार देश के कई राज्यों से जुड़े हैं। फरार आरोपी विनीत शर्मा की धरपकड़ के लिए यूपी पुलिस ने गुजरात और पश्चिम बंगाल की पुलिस से संपर्क साधा है। कॉल सेंटर के कंप्यूटरों और मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड्स को खंगालने पर पुलिस को कई अहम सुराग और संदिग्ध नंबर मिले हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
बंगाल की महिला मित्र पर टिकी नजरें
जांच के दौरान मुख्य आरोपी विनीत शर्मा की पश्चिम बंगाल की एक महिला मित्र का नंबर भी पुलिस के हाथ लगा है। कॉल रिकॉर्ड्स से पता चला है कि यह महिला लगातार विनीत के संपर्क में थी और इस फर्जीवाड़े में अहम भूमिका निभा रही थी। पुलिस ने महिला की तलाश तेज कर दी है।
विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना
समिट बिल्डिंग की आड़ में चल रहे इस इंटरनेशनल कॉल सेंटर से अमेरिका, कनाडा और अन्य विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता या अन्य बहानों से झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी। लखनऊ पुलिस का कहना है कि सरगना विनीत शर्मा की गिरफ्तारी के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े कई और सफेदपोश चेहरों का पर्दाफाश हो सकता है।













