लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार सामने आ रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों को लेकर मचे देशव्यापी बवाल के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने युवाओं और परीक्षार्थियों के हक में एक बहुत बड़ा और नीतिगत बयान दिया है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्र और युवा विंग को संबोधित करते हुए रोजगार और परीक्षा प्रणाली की शुचिता को लेकर समाजवादी पार्टी का विजन साफ किया और युवाओं को बड़ी राजनीतिक गारंटी दी है।
अखिलेश यादव ने परीक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में युवाओं के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है, उसे किसी भी कीमत पर आगे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने सीधे तौर पर वादा करते हुए कहा, “अगर जनता हमें मौका देती है और हम सरकार में आते हैं, तो देश और प्रदेश में ऐसा सख्त और पारदर्शी सिस्टम तैयार किया जाएगा जिससे भविष्य में कभी कोई परीक्षा का पेपर लीक न हो सके। इस दिशा में हमारी सरकार बेहद गंभीरता और कड़े प्रशासनिक सुधारों के साथ काम करेगी।”
‘युवाओं के भविष्य की रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता’
सपा सुप्रीमो ने रोजगार के मुद्दे पर वर्तमान व्यवस्था को घेरते हुए कहा कि परीक्षाओं के रद्द होने और पेपर लीक होने से युवाओं के कई साल बर्बाद हो जाते हैं और वे मानसिक अवसाद का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं को नौकरी और सम्मानजनक रोजगार देने का पक्का वादा किया।
अखिलेश ने आगे कहा कि युवाओं के सपनों और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वाले तत्वों को समाजवादियों की सरकार में बख्शा नहीं जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्र-छात्राओं को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से युवाओं की आवाज उठाती रही है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती के साथ लड़ती रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्र राजनीति और परीक्षा धांधली के इस दौर में अखिलेश का यह बयान युवाओं को सपा के पाले में गोलबंद करने के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम है।














