अमेरिका के व्हाइट हाउस के निकट शनिवार (स्थानीय समयानुसार) शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक हमलावर ने सुरक्षा चौकी के समीप पहुंचकर कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की त्वरित जवाबी कार्रवाई में संदिग्ध को मार गिराया गया। घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने सरकारी आवास में मौजूद थे।
घटनाक्रम और त्वरित कार्रवाई
सीक्रेट सर्विस के संचार कार्यालय से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सुरक्षा उल्लंघन पूर्वी समयानुसार शाम करीब 6 बजे 17वीं स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू के पास हुआ। एक संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा चेकपॉइंट पर पहुंचा और अपने बैग से हथियार निकालकर वहां तैनात अधिकारियों पर फायरिंग कर दी। ‘फॉक्स न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान लगभग 30 राउंड गोलियां चलने की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
जवाबी कार्रवाई करते हुए सीक्रेट सर्विस पुलिस ने संदिग्ध को मौके पर ही गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल हमलावर को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एजेंसी ने पुष्टि की कि इस मुठभेड़ में सीक्रेट सर्विस का कोई अधिकारी हताहत नहीं हुआ है।
राहगीर घायल, जांच जारी
इस गोलीबारी में एक निर्दोष राहगीर भी घायल हो गया। कानून प्रवर्तन सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि राहगीर को गोली संदिग्ध के हथियार से लगी अथवा सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के दौरान। अधिकारियों ने हमलावर की पहचान और उसके मंसूबों का खुलासा नहीं किया है।
राष्ट्रपति ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित
घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ही मौजूद थे। सीक्रेट सर्विस ने स्पष्ट किया कि इस सुरक्षा चूक का राष्ट्रपति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और न ही उनकी सुरक्षा में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न हुआ।
उच्चाधिकारियों ने दी प्रतिक्रिया
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा, अधिकारी गोलीबारी की घटना पर सक्रियता से कार्रवाई कर रहे हैं। जैसे-जैसे पुख्ता जानकारी प्राप्त होगी, जनता को हर स्तर पर अपडेट किया जाएगा। वहीं, मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक 17वीं स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू के आसपास के इलाके से दूर रहें।
बीते वर्ष भी हो चुकी है वारदात
गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इसी क्षेत्र में पिछले वर्ष नवंबर माह में एक अन्य हमलावर ने वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को निशाना बनाया था। उस हमले में अमेरिकी सेना की विशेषज्ञ सारा बेकस्ट्रॉम की मृत्यु हो गई थी, जबकि एंड्रयू वुल्फ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उक्त मामले में रहमानुल्लाह लाकनवाल पर अभियोग तय किए गए थे।













