मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी और उसके साथी आदेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में मृतका के परिवार द्वारा लगाए गए सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के आरोप पूरी तरह झूठे साबित हुए हैं। यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग और उसमें मिली बेवफाई के बाद की गई हत्या का निकला है।
मेरठ : दलित छात्रा ललिता के किडनैप, हत्या का मामला
➡मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी अरेस्ट, जेल भेजा गया
➡आरोपी अंकुश का साथी आदेश भी गिरफ्तार हुआ
➡परिवार के लगाए गैंगरेप के आरोप झूठे निकले हैं
➡आरोपी अंकुश, छात्रा का 4 साल से अफेयर था
➡एक बार पहले भी अंकुश के साथ गयी थी ललिता… pic.twitter.com/vkHmjicr83— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) May 19, 2026
4 साल से था अफेयर, शादी करना चाहता था आरोपी
पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी और मृतका ललिता के बीच पिछले 4 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इससे पहले भी ललिता एक बार अंकुश के साथ घर से जा चुकी थी। अंकुश ललिता से शादी करना चाहता था, लेकिन पहले ललिता के परिवार ने और बाद में खुद ललिता ने इस रिश्ते से साफ इनकार कर दिया था। इसी बीच अंकुश को ललिता के जीवन में किसी दूसरे प्रेमी के होने की बात पता चली, जिसकी पुष्टि होने के बाद दोनों के बीच गहरा विवाद शुरू हो गया।
जंगल में मर्डर के बाद तेजाब से जलाया शव
दूसरे प्रेमी की बात को लेकर हुए झगड़े के बाद अंकुश ने अपने साथी आदेश के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची। वे ललिता को जंगल में ले गए, जहां अंकुश ने गला दबाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद, मृतका की पहचान छुपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने शव पर तेजाब डालकर उसे बुरी तरह जला दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।














