कोटा: कोटा रेल मंडल में उस समय हड़कंप मच गया, जब तड़के त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन की ओर जा रही डाउन राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12431) के एसी कोच में भीषण आग लग गई। यह दर्दनाक हादसा मंडल के विक्रमगढ़ आलोट और लूनीरिचा रेलवे स्टेशनों के बीच घटित हुआ। आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते उसने ट्रेन के थर्ड एसी (B-1) और एसएलआर (गार्ड व सामान) कोच को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की भयानकता को देखते हुए कोटा रेलवे स्टेशन पर तुरंत आपातकालीन हूटर बज उठा, जिसके बाद रेलवे महकमे में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही मेडिकल टीम और दुर्घटना राहत दल को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया।
सो रहे थे यात्री, अचानक धुएं से मची दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार, जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय सुबह के वक्त अधिकांश यात्री अपनी-अपनी बर्थ पर गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक कोच के भीतर से दमघोंटू धुआं और जलने की बदबू आने लगी, जिससे यात्रियों की नींद खुली और बोगी के अंदर चीख-पुकार मच गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रेन को बीच रास्ते में ही रोक दिया। ट्रेन रुकते ही यात्री अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर नीचे कूदने लगे। जल्दबाजी में कई यात्रियों का कीमती सामान और दस्तावेज ट्रेन के अंदर ही छूट गए, जो आग की भेंट चढ़ गए।
राहत और बचाव कार्य जारी, कोई हताहत नहीं
कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे की खबर मिलते ही दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) को कोटा से रवाना कर दिया गया था। राहत की बात यह रही कि इस बेहद गंभीर हादसे में किसी भी यात्री के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। कोटा के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) सहित रेलवे के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और भारी पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गए। जिस बोगी में आग लगी थी, उसके सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उनके बचे हुए सामान को दूसरी बोगियों में शिफ्ट किया गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, रेल मार्ग ठप
हादसे के तुरंत बाद रेलवे कर्मचारियों ने एहतियात के तौर पर ओएचई (OHE) यानी ओवरहेड बिजली की सप्लाई को बंद करवा दिया, ताकि आग आगे न फैले। बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से रुक गया, जिससे कई ट्रेनें बीच रास्ते में फंस गईं। प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि रेलवे प्रशासन ने आग के सही कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।














