पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच निर्वाचन आयोग (EC) ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए दक्षिण कोलकाता के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में हुए मतदान को रद्द कर दिया है। शनिवार को जारी आदेश में आयोग ने चुनावी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में गंभीर हस्तक्षेप को इस निर्णय का मुख्य आधार बताया।
21 मई को दोबारा वोटिंग, 24 को आएंगे नतीजे
निर्वाचन आयोग की घोषणा के अनुसार, फाल्टा सीट पर अब आगामी 21 मई को पुनर्मतदान (Re-polling) कराया जाएगा, जबकि मतों की गणना 24 मई को होगी। गौरतलब है कि बंगाल के चुनावी इतिहास में यह पहला अवसर है जब शेष सीटों के परिणाम घोषित होने के बाद किसी पूरी विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान होगा। देश में इससे पूर्व केवल बिहार में इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई थी।
60 बूथों पर EVM के बटनों से छेड़छाड़
आयोग ने शिकायतों की जांच के बाद पाया कि फाल्टा के कई मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई थी। जाँच रिपोर्ट के अनुसार, 285 में से 60 पोलिंग स्टेशनों (कुल का 21%) पर EVM के बटनों को काले मास्किंग टेप और स्याही से खराब कर दिया गया था। इन बूथों पर 53,967 मतदाता पंजीकृत हैं। आयोग ने अपनी टिप्पणी में कहा, इससे रिकॉर्ड किए गए मतों की सत्यता खतरे में पड़ गई और जनमत (Mandate) का सटीक आकलन करना असंभव हो गया।
TMC उम्मीदवार के करीबियों पर कार्रवाई, पुलिस ऑब्जर्वर ने संभाला मोर्चा
फाल्टा के हासिमनगर इलाके में तनाव की खबरों के बीच पुलिस ऑब्जर्वर व डीआईजी अजयपाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। ग्रामीणों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थकों पर डराने-धमकानी के गंभीर आरोप लगाए थे। कड़ा रुख अपनाते हुए चुनाव आयोग ने खान के दो करीबियों, इजराफिल चोकदार और सुजाउद्दीन शेख को तत्काल गिरफ्तार करने का आदेश दिया है।
अब 293 सीटों पर टिकी निगाहें
फाल्टा का चुनाव टलने के बाद अब बंगाल की अगली सरकार का भविष्य फिलहाल 293 सीटों के परिणामों पर निर्भर करेगा। सोमवार को होने वाली मतगणना से फाल्टा सीट को अलग रखा गया है, जिससे अब राज्य की शेष सीटों पर राजनीतिक दलों का ध्यान केंद्रित हो गया है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।













