नई दिल्ली: इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर आज तड़के एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। दिल्ली से ज्यूरिख जा रही स्विस एयरलाइंस की फ्लाइट (LX147) के टेकऑफ के दौरान विमान के लेफ्ट व्हील (बाएं पहिए) में भीषण आग लग गई, जिससे विमान में सवार 232 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान सांसत में पड़ गई।
क्या था पूरा मामला?
आज तड़के करीब 2 बजे स्विस एयर की फ्लाइट जैसे ही टेकऑफ रोल पर थी, विमान के लेफ्ट व्हील से अचानक घना धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पायलट ने तुरंत टेकऑफ को ‘एबॉर्ट’ (निरस्त) किया और फुल इमरजेंसी घोषित कर दी। इसके बाद यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड्स के जरिए विमान से बाहर निकाला गया। इस अफरा-तफरी में कई यात्री घायल हो गए, जिनमें से 4 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुरक्षा में चूक या सिस्टेमैटिक लापरवाही?
इस घटना ने विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, यह महज एक “तकनीकी खराबी” नहीं, बल्कि पहले से दी गई चेतावनियों की अनदेखी का नतीजा हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2026 में ही इस रूट पर स्विस एयर की सर्विस, विमान की खस्ता हालत, स्टाफ की कमी और तकनीकी खामियों को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। आरोप है कि ये महत्वपूर्ण ईमेल और शिकायतें DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) के पास पहुंची थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उठ रहे गंभीर सवाल
- चेतावनी क्यों दबाई गई? DGCA और मंत्रालय ने जनवरी में मिली शिकायतों पर संज्ञान क्यों नहीं लिया?
- मेंटेनेंस में लापरवाही: क्या स्विस एयरलाइंस का मेंटेनेंस सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है? विमान की उम्र और प्री-फ्लाइट इंस्पेक्शन में ढिलाई क्यों बरती गई?
- विदेशी एयरलाइंस को छूट क्यों? क्या भारतीय यात्रियों की सुरक्षा को दांव पर रखकर विदेशी एयरलाइंस को विशेष संरक्षण दिया जा रहा है?
यात्रियों का खौफनाक अनुभव
विमान से सुरक्षित बाहर निकलने वाले यात्रियों ने बताया कि अंदर का माहौल बेहद भयावह था। यात्रियों का कहना है, “हम मौत के मुंह से वापस आए हैं। विमान में अचानक आग लग गई और सब तरफ चीख-पुकार मच गई थी।”
फिलहाल, स्विस एयरलाइंस और दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना को लेकर स्टैंडर्ड बयान जारी किया है, लेकिन DGCA, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और स्विस एयर प्रबंधन ने उन पुराने ईमेल्स और शिकायतों पर चुप्पी साध रखी है, जो इस हादसे के पहले ही सुरक्षा खामियों की ओर इशारा कर रहे थे।
यह मामला सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या यह फाइल भी पिछली शिकायतों की तरह दबा दी जाएगी?















