मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गल्फ देशों के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की है। UAE, सऊदी अरब और कतर के दौरे से पहले अबू धाबी पहुंचे कोस्टा ने कहा कि यूरोप इस पूरे क्षेत्र में अपने साझेदार देशों के साथ मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि यूरोपीय यूनियन का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना और कूटनीति के माध्यम से शांति स्थापित करना है। कोस्टा ने स्पष्ट कहा कि यूरोप गल्फ देशों का एक भरोसेमंद साझेदार है और किसी भी संकट की स्थिति में सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत और कूटनीति ही मध्य पूर्व में स्थायी शांति का रास्ता है।
बता दें, इससे पहले यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का बंद होना वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा है। उनके अनुसार नेविगेशन की स्वतंत्रता को बनाए रखना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, क्षेत्रीय तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में आने-जाने वाले सभी जहाजों पर नेवल ब्लॉकेड की घोषणा की। इस फैसले के बाद वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति का असर अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
यूरोपीय नेताओं के इन बयानों के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कोई ठोस समाधान निकल पाता है या नहीं।















