केंद्र सरकार ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया है। प्रस्ताव के अनुसार, लोकसभा की कुल सीटों को बढ़ाकर लगभग 850 सीटों तक करने की योजना है। इस प्रस्ताव के तहत, 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित की जाएंगी। यह बदलाव आगामी परिसीमन प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, ताकि बढ़ती जनसंख्या के अनुसार सभी क्षेत्रों का सही और उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
भारत में लगातार बढ़ रही जनसंख्या और विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व के असंतुलन को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य आने वाले चुनावों में प्रत्येक नागरिक के प्रतिनिधित्व को और अधिक समृद्ध और पारदर्शी बनाना है।
संसद में यह प्रस्ताव पेश करने के बाद अब इसे संबंधित समितियों द्वारा और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। प्रस्तावित व्यवस्था से यह उम्मीद जताई जा रही है कि नए परिसीमन के साथ हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को उसके वास्तविक जनसंख्या अनुपात के हिसाब से अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, जो देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करेगा।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को संसद में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे चुनावों में विभिन्न क्षेत्रों के मुद्दों को बेहतर तरीके से उठाया जा सकेगा।















