होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग माना जाता है। यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से होकर गुजरता है और वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण रास्ता है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुल जाए, तो भी तेल की कीमतों और शिपिंग की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। ईरान पहले ही इस जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर चुका है और अब अमेरिका भी इसके नाकेबंदी की बात कर रहा है। यदि तनाव बढ़ता है, तो समस्याएं और भी बढ़ सकती हैं। लेकिन इस स्थिति में, यदि जलडमरूमध्य खुल भी जाए तो क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज को खोलने से जहाजों का बाहर निकलना तो शुरू हो सकता है, लेकिन असली समाधान तब तक नहीं होगा जब तक खाली जहाज वापस अंदर नहीं आएंगे। शिपिंग कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि जब तक वे यह सुनिश्चित नहीं कर लेतीं कि युद्धविराम लंबी अवधि के लिए होगा, तब तक वे अपने जहाजों को फारस की खाड़ी के अंदर भेजने से हिचकिचाएंगी।
ईटोरो (eToro) की ग्लोबल मार्केट एनालिस्ट लाले अकोनेर (Lale Akoner) के अनुसार, केवल दो हफ्ते का युद्धविराम शिपिंग ऑपरेटर्स को वह भरोसा नहीं देगा, जो उन्हें चाहिए। कोई भी टैंकर मालिक या बीमा कंपनी अपने जहाज को खाड़ी में भेजने के लिए तैयार नहीं होगी, जब तक उन्हें यह विश्वास नहीं हो जाएगा कि उनका जहाज वहां फंसा नहीं रहेगा।
वर्तमान में शिपिंग कंपनियों की हिचकिचाहट का असर सप्लाई चेन पर साफ दिखाई दे रहा है। केप्लर (Kpler) कंपनी के मैट स्मिथ (Matt Smith) बताते हैं कि पहले इस मार्ग से रोजाना 100 से ज्यादा तेल टैंकर गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 10 से भी कम रह गई है। इसके परिणामस्वरूप, व्यापार में मंदी और आपूर्ति में कमी की स्थिति बन रही है। इसलिए भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य खुले, लेकिन जब तक शिपिंग कंपनियां और अन्य व्यवसाय इसके भीतर सुरक्षित रूप से काम करने का भरोसा नहीं कर पाएंगे, तब तक वैश्विक तेल आपूर्ति और अन्य महत्वपूर्ण सामान की सप्लाई चेन पटरी पर नहीं लौटेगी।













