असम, केरल और पुडुचेरी में गुरुवार को एक ही चरण में हुए विधानसभा चुनावों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चुनाव आयोग के शाम 7:30 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, तीनों राज्यों में भारी मतदान दर्ज किया गया। पुडुचेरी में सबसे अधिक 89.20 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि असम में 85.10 प्रतिशत और केरल में 77.50 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
बता दें, मतदान समाप्त होने के बाद सभी पोलिंग बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) को सील कर दिया गया है। अब इन चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ, जहां 2.5 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालने के पात्र थे। वहीं केरल में 140 सीटों पर चुनाव हुआ, जहां करीब 2.69 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदान हुआ, जहां लगभग 10 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के योग्य थे।
वहीं, इन चुनावों में कई बड़े नेताओं ने भी मतदान किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सुबह ही मतदान करने पहुंचे। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी ने भी मतदान किया और अपनी परंपरा के अनुसार मोटरसाइकिल से पोलिंग बूथ तक पहुंचे।
बता दें, केरल में इस बार 883 उम्मीदवार मैदान में थे और बड़ी संख्या में महिला व युवा मतदाताओं ने हिस्सा लिया। असम में 722 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ, जहां मुख्य टक्कर NDA और कांग्रेस गठबंधन के बीच रही। वहीं पुडुचेरी में NDA और कांग्रेस-DMK गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें क्षेत्रीय दलों ने भी चुनाव को रोचक बना दिया।
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हुआ। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और मतदाताओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया।
तीनों राज्यों में भारी मतदान को लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जिससे स्पष्ट है कि जनता अपने मताधिकार को लेकर जागरूक है। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।













