ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध गुरुवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गया है। इसी बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद राष्ट्र के नाम अपना पहला संदेश जारी किया। इस संदेश में उन्होंने युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने की बात कही और कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
बता दें, मोजतबा खामेनेई को हाल ही में उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। नियुक्ति के बाद से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। गुरुवार को उनका संदेश ईरान के राज्य टेलीविजन पर एक समाचार एंकर द्वारा पढ़कर सुनाया गया, जिसमें खामेनेई कैमरे पर नजर नहीं आए।
अपने पहले संदेश में मोजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की मांग की और इसे अमेरिका के खिलाफ दबाव बनाने का एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए, अन्यथा उन पर हमले किए जा सकते हैं।
खामेनेई ने यह भी कहा कि ईरान अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा और युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान को युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिला तो दुश्मन की संपत्ति से इसकी भरपाई की जाएगी या उतनी ही तबाही मचाई जाएगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच संघर्ष चरम पर पहुंच चुका है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें भी रखी हैं। इनमें ईरान के वैध अधिकारों की मान्यता, भविष्य में हमलों की गारंटी और युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा शामिल है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच मोजतबा खामेनेई का यह पहला संदेश क्षेत्रीय राजनीति और वैश्विक कूटनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।














