हैदराबाद पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने ऑनलाइन बेटिंग के नाम पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापनों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निवेश और सट्टेबाजी के नाम पर झांसे में लेकर ठगी कर रहे थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद सईद उद्दीन (26), मोहम्मद ताजुद्दीन (31), मोहम्मद यूनिस (25) और एमडी अयूब (24) के रूप में की है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अपने परिवार और दोस्तों के नाम पर कई सिम कार्ड हासिल किए थे और इन्हीं का इस्तेमाल ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग फ्रॉड को अंजाम देने के लिए किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को “BETINEXCHANGE” नाम के बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें ज्यादा और निश्चित मुनाफे का लालच देते थे। शुरुआत में पीड़ितों को कम रकम जमा करने के लिए कहा जाता था और विश्वास जीतने के लिए कुछ लाभ भी दिखाया जाता था।
जांच के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता ने शुरुआत में ₹20,001 जमा किए, जिसके बाद उसे करीब ₹5,000 का मुनाफा दिखाया गया। इससे प्लेटफॉर्म पर उसका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे लगातार क्रिकेट बेटिंग, तीन पत्ती और कसीनो जैसे ऑनलाइन गेम्स में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कहने पर पीड़ित ने बैंक खाते, यूपीआई आईडी, क्यूआर कोड और कैश डिपॉजिट मशीनों के माध्यम से कई बार पैसे जमा किए। 2025 से जनवरी 2026 के बीच पीड़ित ने अपने और अपनी पत्नी के खातों से कुल लगभग 1.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए।
हालांकि शुरुआत में पीड़ित को करीब 20 लाख रुपये का मुनाफा दिखाया गया, लेकिन बाद में उसे भारी नुकसान हुआ और अंततः वह पूरी रकम गंवा बैठा। जब भी उसने पैसे निकालने की कोशिश की, आरोपियों ने उसे अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भेजकर गुमराह किया।
हैदराबाद पुलिस ने इस मामले में आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) तथा तेलंगाना गेमिंग एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस पैसे के ट्रेल का पता लगाने, संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करने और मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।













