Gurmeet Ram Rahim acquitted in journalist Ramchandra Chhatrapati murder case, major decision of Punjab-Haryana High Court. डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। शनिवार को आए इस फैसले की पुष्टि राम रहीम के वकील ने की। अदालत ने यह निर्णय चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की डिवीजन बेंच द्वारा सुनाया।
गौरतलब है कि सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में गुरमीत राम रहीम पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। कहा गया था कि छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा प्रमुख की आलोचना की थी, जिसके बाद उनकी हत्या की साजिश रची गई।
2019 में मिली थी उम्रकैद
इस मामले में 2019 में पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट ने राम रहीम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उनके साथ तीन अन्य आरोपियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को भी दोषी पाया गया था। अदालत ने सभी आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। हालांकि अब हाईकोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया है।
रेप केस में पहले से जेल में बंद
हालांकि इस मामले में बरी होने के बावजूद गुरमीत राम रहीम फिलहाल जेल में ही रहेगा। वर्ष 2017 में दो महिला शिष्याओं के साथ बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उसे 20 साल की सजा सुनाई गई थी। वह फिलहाल हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद है।
25 अगस्त 2017 को जब राम रहीम को रेप मामले में दोषी ठहराया गया था, तब पंचकूला और हरियाणा के कई शहरों में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे।
एक अन्य हत्या मामले में भी मिला था राहत
इससे पहले 2024 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा मैनेजर रंजीत सिंह हत्या मामले में भी गुरमीत राम रहीम और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। रंजीत सिंह की 10 जुलाई 2002 को कुरुक्षेत्र जिले के खानपुर कोलियां गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पैरोल को लेकर भी उठते रहे सवाल
इस साल जनवरी में राम रहीम को 40 दिन की पैरोल दी गई थी। इससे पहले भी कई बार उसकी अस्थायी रिहाई को लेकर राजनीतिक बहस और सुरक्षा से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।













