प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आम, नीम, शीशम, सागौन, पीपल, बरगद, महुआ, बेल, जामुन सहित 29 प्रमुख प्रजातियों के पेड़ों के काटने पर प्रतिबंध को दो और साल के लिए बढ़ा दिया गया है। पहले यह प्रतिबंध 31 दिसंबर 2023 को समाप्त होने वाला था, लेकिन अब इसे 31 दिसंबर 2027 तक लागू किया जाएगा।
यह प्रतिबंध बिना वन विभाग की अनुमति के इन पेड़ों को काटने से संबंधित है। यदि कोई व्यक्ति इन पेड़ों को काटता है तो उसे गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें एफआईआर दर्ज होना, आर्थिक जुर्माना और छह महीने तक की जेल की सजा शामिल है। इस आदेश की घोषणा पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी द्वारा की गई है।
विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, इन पेड़ों को काटने से पहले वन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। आवेदन ऑनलाइन करना होता है, और इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि हर कटे हुए पेड़ के बदले 10 नए पौधे लगाए जाएं और उनकी देखभाल की जाएगी।
यह निर्णय प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे पेड़ न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।














