जो शिक्षक पढ़ा रहे हैं और उन्होंने TET पास नहीं किया है वो अब मुसीबतों से घिर गए हैं…क्यों TET मामले में जो निमयों में बदलाव किया गया है…उसके बाद से शिक्षक आक्रोश में है. क्योंकि नए नियम से पहले जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई हैं वो इसका विरोध कर रहे हैं..उनका कहना है कि ये नियम उनपर क्यों लागू किया जा रहा है…जबकि TET अनिवार्यता से पहले ही वो नौकरी में आ चुके है….
जानकारी के लिए बता दें कि उनका कहना है कि इस अधिनियम के लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना नियमों के विरुद्ध है.शिक्षकों का तर्क है कि पुरानी विज्ञप्तियों और शासनादेशों के आधार पर नियुक्त हुए शिक्षकों पर नई सेवा शर्तें थोपना न्यायसंगत नहीं है.और अब शिक्षकों का आंदोलन पिछले कई दिनों से चल रहा है….
बता दें कि अब उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में TET (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.प्रयागराज में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर जमकर नारेबाजी की. उनका मुख्य आह्वान था कि टीईटी की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंपा.
TET की अनिवार्यता के खिलाफ चंदौली जिले में भी विरोध प्रदर्शन हुआ. यहां शिक्षकों ने BSA कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित ज्ञापन सौंपा. शिक्षकों ने केंद्र सरकार से TET नियमों में संशोधन की मांग की.
उन्नाव जिले में भी शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ विरोध किया. शिक्षकों ने BSA कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को रखा.
बाराबंकी में भी शिक्षक संगठनों ने टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.यहां शिक्षकों ने BSA कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन BSA को सौंपा.
सीतापुर जिले में टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ धरना-प्रदर्शन हुआ.शिक्षक संघ के सदस्यों ने BSA ऑफिस परिसर में प्रदर्शन किया और BSA ऑफिस से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया.शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा और केंद्र सरकार से TET मामले में बदलाव की मांग की.
इन सभी विरोध प्रदर्शनों में जिले भर के शिक्षक संगठनों ने भाग लिया और TET अनिवार्यता के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया….












