लखनऊ मेट्रो में सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है. रेल पटरियां निर्धारित मानकों से कमजोर हो गई है.

इतना ही नहीं स्पीड लिमिट प्रमाण पत्र का नवीनीकरण नहीं हुआ है. यात्रियों की सुरक्षा को भी जोखिम में डाला जा रहा है. मेट्रो कॉरपोरेशन की लापरवाही का अब खुलासा हो गया है.

बता दें कि CAG रिपोर्ट में लापरवाही का खुलासा हुआ है. और इस रिपोर्ट में पता चला है कि कई विशेष मानकों का उल्लंघन किया गया है. टाटा, L&T ने मेट्रो प्रशासन को चेताया था. कागजों पर बनी कालिंदी फर्म को ठेका मिला था.

कालिंदी फर्म को पटरिया बिछाने का ठेका था.मेट्रो प्रशासन और फर्म की सांठगांठ सामने आई है. तत्कालीन MD कुमार केशव पर गंभीर सवाल उठ रहे है. मामले में वर्तमान MD सुशील कुमार अब फोन नहीं उठा रहे है.












