उत्तराखंड: आगामी चारधाम यात्रा को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने ऋषिकेश के चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में विभिन्न हितधारकों के साथ बैठक की। बैठक में यात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई और भविष्य की यात्रा रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक को तीन मुख्य समूहों में विभाजित किया गया था। पहले समूह में यात्रा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय पर चर्चा हुई। दूसरा समूह टूर और ट्रैवल ऑपरेटर्स से संबंधित था, जिसमें यात्रा के दौरान परिवहन और पर्यटकों की सुविधाओं पर ध्यान दिया गया। तीसरे समूह में यमुनोत्री और केदारनाथ धाम में डंडी कंडी सेवाएं देने वाले प्रतिनिधियों की समस्याओं और सुझावों को सुना गया।
बैठक में होटल एसोसिएशन और अन्य संगठनों ने भी अपनी कुछ मांगें रखीं, जिनका समाधान एक सब-कमिटी द्वारा किया जाएगा। इस कमिटी में एडिशनल कमिश्नर, होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधि और रजिस्ट्रेशन विशेषज्ञ शामिल हैं, जो आज ही बैठक कर सकारात्मक समाधान निकालेंगे। पिछले साल के अनुभवों को देखते हुए डग्गामार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए RTO के साथ मिलकर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
गढ़वाल कमिश्नर ने देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को उत्तराखंड आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पलके बिछाकर स्वागत करने को तैयार है। उन्होंने बताया कि पिछले साल प्राकृतिक आपदा के बावजूद 50 लाख से अधिक लोग उत्तराखंड आए थे और इस बार भी अक्षय तृतीया से शुरू होने वाली यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।
कमिश्नर ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन की जारी एडवाइजरी और नियमों का पालन करें ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद हो सके।














