डेस्क : बांग्लादेश के उत्तरी हिस्से में स्थित मैमनसिंह ज़िले के त्रिशाल इलाके में मंगलवार को एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक हिंदू व्यापारी की अनजान लोगों ने हत्या कर दी। इस घटना ने एक बार फिर से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता को जन्म दिया है।
पुलिस के अनुसार, मारे गए व्यक्ति की पहचान 60 वर्षीय सुशेन चंद्र सरकार के तौर पर की गई है। यह घटना तब हुई, जब वह सोमवार रात अपने घर नहीं लौटे। उनके बेटे ने बार-बार फोन करने के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो वह खुद अपने पिता की दुकान पर गए, जहाँ उन्हें बदमाशों द्वारा घायल कर दिया गया था। उनके सिर पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। उन्हें अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
त्रिशाल सर्कल के पुलिस ASP हसन इसराफिल ने ANI से बातचीत में बताया, “हम हत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल मामला अस्पष्ट है। हम इस मर्डर के पीछे के कारणों की जांच कर रहे हैं।”
यह घटना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पहले 18 दिसंबर, 2025 को इसी जिले में एक और हिंदू व्यक्ति दीपू चंद्र दास की भी भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। दीपू को कथित ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला गया था और फिर उनकी लाश को लटकाकर आग लगा दी गई थी।
वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हालांकि दीपू के खिलाफ ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था, लेकिन जांच के दौरान ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि उसने फेसबुक पर कुछ आपत्तिजनक पोस्ट की थी।
यह घटनाएँ बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रहे हमलों के बढ़ते सिलसिले का हिस्सा हैं। पिछले महीने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने 2025 में अल्पसंख्यक समुदायों पर हुए हमलों और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक रिपोर्ट जारी की थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों से जुड़ी 645 घटनाएँ सामने आई हैं, जो आधिकारिक रूप से जांची गई और दर्ज की गई हैं।












