उत्तर प्रदेश में भले एंटी भूमाफिया अभियान के तहत माफियाओं पर कार्यवाही का दम भरता हो लेकिन पीलीभीत में वन विभाग के कर्मचारी, अधिकारी इस अभियान को ठेंगे पर रखकर खुद की जमीन पर माफियाओं से साठ गांठ कर कब्जा करा दिया, माफिया इसी बेशकीमती 8000 बीघा जमीन पर फसल की पैदावार कर रहे है । हैरत की बात है कि यह सब बाराही रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव समेत पीटीआर के अफसरों के संरक्षण में लबे समय से चल रहा है ।

करोड़ों की बेशकीमती जमीन पर लहराती फसल
खेतों में लहराती फसल पीटीआर की बहारी रेंज क्षेत्र की सेल्हा बीट से सटी 8000 बीघा जमीन की है । जंगल, शारदा नदी से सटी इस जमीन पर 16 लोगों ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा करके फसल की पैदावार कर रहे है । वन विभाग के जिन अफसरों पर विभाग की जमीन की निगरानी का जिम्मा था उन्हीं ने माफियाओं से मिलकर उस पर कब्जा करा दिया । फिलहाल पूरे मामले की प्रधान मुख्य वन संरक्षक से मामले की शिकायत हुई है ।

जमीन के बदले 25 लाख की माफियाओं से रेंजर की वसूली
उधर शिकायतकर्ता रोहित अवस्थी का आरोप है कि बराही रेंज की सेल्हा बीट पर कलीनगर तहसील क्षेत्र के 16 लोगों ने पीटीआर की 8000 बीघा पर कब्जाकर फसल की पैदावार कर रहे है । और रेंजर अरुण मोहन से लेकर वन विभाग के अधिकारी उन अवैध कब्जाधारकों से 8000 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से 25 लाख की बसूली के बदले करोड़ों की जमीन पर कब्जा कराए हुए है । फिलहाल प्रधान मुख्य संरक्षक से शिकायत के बाद कार्यवाही की मांग की गई है ।
जमीन पर अवैध कब्जा कराने वालो पर कार्यवाही नहीं
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की बेइमानी उगाही की पोल खुलने के बाद भी रेंज में तैनात रेंजर समेत किसी भी जिम्मेदार अफसर पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है । फिलहाल पीटीआर के अधिकारियों की उगाही की वजह से करोड़ों की जमीन पर माफियाओं लंबे समय से काबिज है ।













