मिर्जापुर जिले के ददरी खुर्द गांव में 1600 मेगावाट कोयला आधारित अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल अदाणी पावर प्लांट के निर्माण कार्य के शुभारंभ से पूरे क्षेत्र में नई उम्मीदें और उत्साह का माहौल है। यह परियोजना न केवल क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी।
पावर प्लांट से रोजगार के अवसर
अदाणी पावर लिमिटेड द्वारा इस पावर प्लांट के निर्माण से करीब 8,000 से 9,000 लोगों को अस्थायी रोजगार मिलेगा और जब यह पावर प्लांट पूरी तरह से संचालन में आएगा, तो लगभग 2,000 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, जो पहले पलायन और बेरोज़गारी की समस्या से जूझ रहे इलाके के लिए एक सकारात्मक कदम है।
सस्ती बिजली का रास्ता साफ़
इस पावर प्लांट के माध्यम से उत्तर प्रदेश को 25 साल तक सस्ती बिजली मिलने का रास्ता साफ़ हो गया है। नियामक आयोग द्वारा ₹5.38 प्रति यूनिट की दर से पावर सप्लाई एग्रीमेंट की मंजूरी मिल चुकी है, जिससे प्रदेश को दी जाने वाली बिजली की लागत कम होगी। यह कदम ऊर्जा उत्पादन में दक्षता बढ़ाने और पर्यावरण पर कम प्रभाव डालने में मदद करेगा।
सामाजिक और सामुदायिक विकास
अदाणी फाउंडेशन, जो कि सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सक्रिय है, मिर्जापुर में विजन केयर जैसे कार्यक्रम चला रहा है। इस कार्यक्रम के तहत, स्थानीय लोगों, ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों को लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से, इस कार्यक्रम से 23,000 से अधिक स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लाभ मिला है, जो दृष्टिहीनता की समस्या से जूझ रहे थे। विजन केयर प्रोग्राम ने उनके जीवन में एक नई रोशनी दी है।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
मिर्जापुर में बन रहे इस पावर प्लांट से केवल बिजली उत्पादन की उम्मीद नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इससे क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का माहौल बनेगा और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। स्थानीय लोग इसे केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि अपने बेहतर भविष्य का प्रतीक मानते हैं।
मिर्जापुर में बनने वाला अदाणी पावर प्लांट न केवल ऊर्जा उत्पादन का एक अहम केंद्र बनेगा, बल्कि रोजगार, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी अहम योगदान देगा। यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए विकास के नए द्वार खोलने का प्रतीक बन रही है।














