Tokyo Skytree Indian Flag. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जो 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए हुई है। यह उनके तीसरे कार्यकाल में जापान की पहली यात्रा है, और इस यात्रा के दौरान भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत
टोक्यो पहुंचने पर, प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जो इस यात्रा की विशेषता को दर्शाता है।
इस यात्रा के सम्मान में, जापान ने टोक्यो स्काईट्री को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से रोशन किया, जो दोनों देशों के बीच गहरे होते रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों का एक शक्तिशाली प्रतीक बन गया। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर टोक्यो स्काईट्री का दृश्य साझा करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के सम्मान में जापान का सबसे ऊँचा टावर, टोक्यो स्काईट्री, भारतीय ध्वज के रंगों में जगमगा उठा।”
टोक्यो स्काईट्री: जापान का गौरव
634 मीटर (2,080 फीट) ऊंचा टोक्यो स्काईट्री जापान की सबसे ऊँची संरचना है और इसे दुनिया का सबसे ऊँचा प्रसारण टावर होने का गौरव प्राप्त है। 2012 में बनकर तैयार हुआ यह टावर टेलीविजन और रेडियो प्रसारण का केंद्र है और टोक्यो के क्षितिज का प्रमुख प्रतीक भी बन चुका है।
भारत-जापान द्विपक्षीय वार्ता: समझौते और रोडमैप पर हस्ताक्षर
15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इस शिखर सम्मेलन में 10-वर्षीय रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जो भारत-जापान साझेदारी के भविष्य को निर्धारित करेगा। इसके अलावा, एक दीर्घकालिक विज़न दस्तावेज़ का भी अनावरण किया गया, जो दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन: साझेदारी का नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में भारत-जापान संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “आज, हमने अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में एक नए और सुनहरे अध्याय की नींव रखी है। हमने अगले दशक के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें निवेश, नवाचार, आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, गतिशीलता और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान हमारे विज़न के केंद्र में हैं।”
भारत और जापान की वैश्विक भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने एशिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और जापान की वैश्विक और क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा में भूमिका को भी रेखांकित किया। दोनों देश क्वाड (QUAD) का हिस्सा हैं, जो अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर एक सुरक्षा संवाद का हिस्सा हैं।
सांस्कृतिक संबंध: 6वीं शताब्दी से साझेदारी
प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए दोनों देशों के समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा हमारे संबंध छठी शताब्दी से हैं, जब जापान में बौद्ध धर्म का आगमन हुआ था। सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से हमारे बीच लंबे समय से एक साझा संबंध रहा है; हम एक-दूसरे को प्रभावित कर सकते हैं।