उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में नगर निगम के मेयर विनोद अग्रवाल के एक पत्र ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मेयर ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को पत्र लिखकर प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

दरअसल, हाल ही में प्रशासन की ओर से अवैध कब्जे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान मेयर विनोद अग्रवाल की जमीन की बाउंड्रीवाल को भी गिरा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद मेयर ने इसे लेकर नाराजगी जताई और कहा कि बिना उचित नोटिस दिए यह कदम उठाया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मान-सम्मान को भी ठेस पहुंची है।

मेयर विनोद अग्रवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि वे पिछले करीब 15 वर्षों से मुरादाबाद के मेयर पद पर कार्यरत हैं और लगभग 40 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उप जिलाधिकारी (SDM) की ओर से की गई कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया।

मेयर ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन को किसी प्रकार की आपत्ति थी तो उन्हें पहले नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए था। लेकिन बिना पूर्व सूचना के बाउंड्रीवाल गिराने की कार्रवाई की गई, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने इस घटना को लेकर पार्टी नेतृत्व को अवगत कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

पत्र में मेयर ने यह भी आग्रह किया है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी अन्य जिले के अधिकारी से कराई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके और सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि अगर जांच सही तरीके से होती है तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

इस मामले के सामने आने के बाद मुरादाबाद में सियासी चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही हलकों में इस पत्र को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।

मुरादाबाद में सियासी हलचल! BJP मेयर का विवादास्पद पत्र, SDM पर आरोप

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