Sri Lanka में ऊर्जा संकट के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां केवल 4 लीटर पेट्रोल जमा करने पर एक व्यक्ति को तीन हफ्ते की जेल की सजा सुनाई गई है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब देश गंभीर ईंधन संकट से जूझ रहा है और प्रशासन ने सख्त राशनिंग व्यवस्था लागू कर रखी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने शुरुआत में दावा किया था कि उसने यह पेट्रोल बगीचे की घास काटने वाली मशीन के लिए रखा था, लेकिन बाद में उसने जमाखोरी का आरोप स्वीकार कर लिया। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कहा कि मौजूदा संकट के समय ईंधन जमा करना और कालाबाजारी की कोशिश करना कानून के खिलाफ है। कोर्ट ने आरोपी को जेल के साथ-साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
दरअसल, Iran से जुड़े युद्ध जैसे हालात और वैश्विक आपूर्ति संकट के कारण श्रीलंका में ईंधन की भारी कमी हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है और कई जगहों पर हर दूसरे दिन ही ईंधन मिल पा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, देश के पास मौजूद डीजल का भंडार मई महीने के पहले पखवाड़े तक ही चल सकता है, जबकि पेट्रोल का स्टॉक इससे करीब एक सप्ताह ज्यादा रहने का अनुमान है। ऐसे में सरकार किसी भी तरह की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
इस बीच, श्रीलंका सरकार वैकल्पिक ईंधन आपूर्ति के लिए रूस से बातचीत कर रही है। राष्ट्रपति Anura Kumar Dissanayake के कार्यालय के अनुसार, रूस के उप ऊर्जा मंत्री Roman Marshavin के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। रूसी पक्ष ने मदद का भरोसा भी दिया है।
ऊर्जा संकट के इस दौर में श्रीलंका की यह सख्ती साफ संकेत देती है कि सरकार किसी भी तरह की जमाखोरी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है और हालात को नियंत्रित करने के लिए कड़े फैसले लेने को तैयार है।















