देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 25 सितंबर को कई राज्यों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन का असर खास तौर पर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में देखने को मिल रहा है।
IMD के मुताबिक उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के ऊपर बना डीप डिप्रेशन 24 सितंबर की शाम तक दक्षिण ओडिशा और आसपास के उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर मौजूद था। यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था और इसके अगले कुछ घंटों में कमजोर होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई थी।
चक्रवात अर्नब का असर
चक्रवात अर्नब की वजह से कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में रेड अलर्ट जारी किया गया है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में ऑरेंज अलर्ट और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, कर्नाटक और मेघालय में येलो अलर्ट की चेतावनी है। इन राज्यों में तेज बारिश के साथ कुछ जगहों पर आंधी, बिजली और तेज हवाओं का खतरा बताया गया है।
सबसे ज्यादा असर वाले इलाके ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश हैं, जहां भारी बारिश के कारण जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बनी है। IMD के अनुसार उत्तर आंध्र तट पर हवा की रफ्तार 25 से 30 नॉट यानी करीब 46 से 56 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र की स्थिति भी खराब से बहुत खराब रहने की संभावना है।
ओडिशा में भारी बारिश का असर
डीप डिप्रेशन के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। IMD ने 25 सितंबर के लिए राज्य के तटीय इलाकों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
दक्षिण ओडिशा में लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका है। नदियों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
आंध्र प्रदेश में भी तेज बारिश और हवाओं का असर
उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में भी डीप डिप्रेशन का असर बना हुआ है। IMD ने कई इलाकों में व्यापक बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है। तेज हवाओं के कारण समुद्र भी अशांत रह सकता है। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने को कहा गया है।
बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में भी बारिश
डीप डिप्रेशन के कमजोर होकर आगे बढ़ने के बावजूद इसका असर मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मध्य प्रदेश में भी बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के कारण बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। हाल के दिनों में राज्य के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है और IMD ने 26 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।
उत्तर प्रदेश में आज बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 25 सितंबर को बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है। कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर समेत कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है। बारिश का यह दौर अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग इलाकों में जारी रहने की संभावना है। लोगों को भारी बारिश के दौरान जरूरी न होने पर यात्रा से बचने और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।













