गोरखपुर। जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र में एक ऐसे सुनियोजित आर्थिक धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें जालसाजों ने कंपनी के खाते में महज एक रुपए का भुगतान कर लाखों रुपयों की कूटरचित रसीदें तैयार कर तीन वर्षों में लगभग 24 करोड़ रुपए का घोटाला कर दिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी सोनू जायसवाल, शिवम सहित कुल 21 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
कैसे शुरू हुआ पूरा खेल
गुलरिहा थाने के रेल विहार फेज-1, करीमनगर निवासी 44 वर्षीय विश्वजीत श्रीवास्तव रियल स्टेट, ज्वैलरी और शेयर मार्केट ब्रोकिंग का बड़ा कारोबार करते हैं। उनकी फर्म ‘वीएस ट्रैवल्स ओपीसी टेक्नोलॉजी’, ‘आस्था जेम्स एण्ड ज्वैलर्स’ और ‘आस्था रिटेलर’ सहित कई अन्य कंपनियां हैं। वर्ष 2023 में उनकी मुलाकात कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान निवासी सोनू जायसवाल से हुई। सोनू ने पहले पीड़ित का विश्वास जीता और फिर कंपनी में ‘फाउंडर’ के पद पर काम करने लगा।
कुछ समय बाद सोनू ने अपने एक रिश्तेदार शिवम को यह कहकर कारोबारी से मिलवाया कि शिवम को कमीशन आधारित मार्केटिंग का व्यापक अनुभव है और वह दिल्ली में बड़े पैमाने पर काम करता है। सोनू के कहने पर विश्वजीत श्रीवास्तव ने शिवम को अपनी कंपनी में एजेंट के तौर पर शामिल कर लिया। इसके बाद दोनों मिलकर आम लोगों से कंपनी की विभिन्न योजनाओं में निवेश कराने और उस पर अपना कमीशन लेने का कार्य करने लगे।
एक रुपए के भुगतान का अनोखा खेल
निवेश की सामान्य प्रक्रिया के तहत शिवम, ग्राहकों के भुगतान की स्लिप का स्क्रीनशॉट सोनू को भेजता था और सोनू उसे कंपनी के एकाउंटेंट हरिकेश प्रसाद को भेज देता था। इसी बीच, दोनों आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश रची। वे कंपनी के बैंक खाते में संबंधित ग्राहक के नाम से महज 1 रुपए, 10 रुपए या मामूली धनराशि का ऑनलाइन लेनदेन करते थे। इसके बाद डिजिटल बैंकिंग स्टेटमेंट में हेराफेरी कर कूटरचित तरीके से लाखों रुपयों का फर्जी बिल और स्क्रीनशॉट तैयार कर एकाउंटेंट को भेज दिया जाता था।
ग्राहकों द्वारा निवेश की गई बाकी की असल बड़ी रकम को दोनों आरोपी कंपनी के खाते में न भेजकर अपने और अपने रिश्तेदारों के व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे और निजी इस्तेमाल में लगाते थे। पिछले तीन महीनों से यह सिलसिला लगातार जारी था।
ऑडिट में खुली पोल, 4.50 करोड़ के एक स्क्रीनशॉट ने खोली आंखें
विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार, 30 अप्रैल को जब वह और उनके एकाउंटेंट हरिकेश प्रसाद कंपनी की वार्षिक क्लोजिंग और ऑडिट करवा रहे थे, तभी आरोपियों की ओर से भेजा गया 4 करोड़ 50 लाख रुपयों का एक स्क्रीनशॉट देखकर एकाउंटेंट को शक हुआ। जब अब तक के सभी भेजे गए स्क्रीनशॉट का बैंक खाते की वास्तविक प्रविष्टियों से मिलान किया गया, तो सारी चालें बेनकाब हो गईं। जांच में हर भुगतान के स्क्रीनशॉट फर्जी और कूटरचित पाए गए।
न्यायालय के आदेश पर 21 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
गुलरिहा थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद पाल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय के आदेश से सोनू जायसवाल, शिवम और अन्य 19 लोगों (रिश्तेदार एवं सहयोगी) सहित कुल 21 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अभिलेखों में कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है और मामले की विस्तृत वित्तीय जांच की जा रही है।















