नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक व्यापार के सबसे अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र ने संभावित खतरे को देखते हुए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य इस महत्वपूर्ण मार्ग से जुड़े व्यापार और मानवीय आपूर्ति को सुरक्षित रखना है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की। यह टीम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, खासकर खाद्य और उर्वरक आपूर्ति को बनाए रखने के लिए तकनीकी समाधान तैयारियों।
इस टास्क फोर्स का नेतृत्व जॉर्ज मोरेरा दा सिल्वा करेंगे। इसमें UNCTAD, अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन और अंतर्राष्ट्रीय चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसे समन्वित के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार यह तंत्र खाद, कच्चे माल और जरूरी मानवीय सहायता की आपूर्ति को सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए पहले के संयुक्त राष्ट्र मिशनों जैसे काले सी ग्रेन पहल से प्रेरणा ली जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत जीन अर्नाल्ट सदस्य देशों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। इस पहल को व्यापक राजनीतिक समाधान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस जलमार्ग को लेकर बयान दिया और ईरान पर दबाव बनाने की बात कही। वहीं G7 देशों ने सुरक्षित और बिना बाधा के समुद्री इलाकों की जरूरत पर जोर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स पर जहाजों से ‘टोल’ वसूली करने जैसे आरोप लगे हैं। हालांकि भारत सरकार ने इन रिकवरी को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है।



