India will also be a key partner in the ‘Hexagon of Alliances’. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक नया क्षेत्रीय गठबंधन बनाने की योजना का खुलासा किया है, जिसे ‘हेक्सागॉन ऑफ अलायंसेज’ नाम दिया गया है। यह गठबंधन मध्य पूर्व में बढ़ते रेडिकल खतरे का मुकाबला करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है, और इसमें भारत को मुख्य साझेदार के रूप में शामिल किया गया है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा से ठीक पहले आई है, जो आज 25 फरवरी से शुरू हो रही है।
रेडिकल एक्सिस के खिलाफ गठबंधन
नेतन्याहू ने 22 फरवरी को अपनी कैबिनेट मीटिंग में इस योजना का जिक्र किया और बताया कि यह गठबंधन ‘रेडिकल एक्सिस’ के खिलाफ काम करेगा। इसमें विशेष रूप से ‘रेडिकल शिया एक्सिस’ और ‘इमर्जिंग रेडिकल सुन्नी एक्सिस’ का नाम लिया गया है।
- रेडिकल शिया एक्सिस: इसमें ईरान और उसके समर्थित गुटों जैसे हमास, हिजबुल्लाह और हूती का नाम लिया गया है, जिनके खिलाफ इजरायल ने पहले भी कड़े कदम उठाए हैं।
- रेडिकल सुन्नी एक्सिस: इसमें ISIS जैसे चरमपंथी नेटवर्क और अन्य उभरते खतरे शामिल हैं, जिन्हें इस गठबंधन द्वारा चुनौती दी जाएगी।
गठबंधन में कौन-कौन शामिल होगा?
इस अलायंस में भारत और इजरायल के अलावा, ग्रीस और साइप्रस भी शामिल होंगे। नेतन्याहू ने बताया कि अन्य अरब, अफ्रीकी और एशियाई देशों को भी इस गठबंधन में शामिल किया जाएगा, जो बाद में सामने आएंगे।
नेतन्याहू का बयान
नेतन्याहू ने कहा, “मेरी नजर में एक पूरी व्यवस्था बनेगी, जो मिडिल ईस्ट के आसपास या उसके अंदर एक ‘हेक्सागॉन’ की तरह काम करेगी। इसमें भारत, अरब देश, अफ्रीकी राष्ट्र, भूमध्यसागरीय देश जैसे ग्रीस और साइप्रस, और कुछ एशियाई देश शामिल होंगे। यह गठबंधन उन देशों का एक्सिस बनेगा, जो रेडिकल शिया और सुन्नी एक्सिस के खिलाफ हैं और एक जैसी सोच रखते हैं।”
रेडिकल सुन्नी एक्सिस का मुकाबला
यह गठबंधन एक ऐसे समय में सामने आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष पहले से ही जारी है, और सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच सितंबर 2025 में एक रणनीतिक रक्षा समझौता हुआ था, जिसे ‘इस्लामिक नाटो’ के रूप में देखा जा रहा है। तुर्की भी इसमें शामिल होने की कोशिश कर रहा है। नेतन्याहू ने इसे ‘रेडिकल सुन्नी एक्सिस’ का हिस्सा बताया और कहा कि हेक्सागॉन इसका मुकाबला करेगा।
भारत को क्या लाभ होगा?
भारत के लिए यह गठबंधन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्विपक्षीय संबंधों से आगे बढ़कर एक बहुपक्षीय सुरक्षा ढांचा बनाने का अवसर प्रदान करेगा। भारत, UAE और इजरायल पहले से ही अब्राहम समझौते और I2U2 ग्रुपिंग जैसे फ्रेमवर्क के तहत सहयोग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई औपचारिक सुरक्षा पैक्ट नहीं था। हेक्सागॉन में सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा 25-26 फरवरी को हो रही है, जो नेतन्याहू के निमंत्रण पर है। यह पीएम मोदी की इजरायल की दूसरी आधिकारिक यात्रा है, और इस दौरान दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बात करेंगे जो दोनों देशों के हित में हैं। इस यात्रा के दौरान हेक्सागॉन गठबंधन पर चर्चा होने की संभावना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।



