हाथरस। मुख्य डाकघर में बुधवार दोपहर एक ऐसी घटना हुई, जिसने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। पति की पेंशन के कागज़ों पर दस्तखत करने आई एक बीमार महिला को कार्यालय सहायक ने नीचे आने से मना कर दिया। मजबूरन सीढ़ियाँ चढ़ते वक्त उनकी साँस उखड़ गई और अस्पताल में मौत हो गई। मृतका की बेटी ने अब इस मामले में पुलिस अधीक्षक से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत की है।
पिता की ड्यूटी के दौरान मौत, 11 महीने से अटकी थी पेंशन
कासगंज रोड सिकंदराराऊ की रहने वाली श्रेया दीक्षित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता रामसेवक शर्मा भारतीय डाक विभाग में शाखा डाकपाल के पद पर तैनात थे। 29 जून 2025 को ड्यूटी के दौरान ही उनका निधन हो गया। पिता की मृत्यु के बाद नेशनल पेंशन सिस्टम की औपचारिकताएँ हाथरस कार्यालय को पूरी करनी थीं, लेकिन करीब 11 महीने बीत जाने के बाद भी यह प्रक्रिया अटकी रही।
‘माँ अस्थमा की मरीज़ हैं, नीचे आकर हस्ताक्षर करा लें’
श्रेया के मुताबिक, 3 जून को डाक विभाग के कार्यालय सहायक के बुलाने पर वे चार जून की दोपहर करीब एक बजे अपनी माँ राधारानी को लेकर मुख्य डाकघर हाथरस पहुँचीं। डाकघर ऊपरी मंज़िल पर है, इसलिए श्रेया ने कार्यालय सहायक से विनती की कि उनकी माँ अस्थमा की गंभीर मरीज़ हैं और सीढ़ियाँ नहीं चढ़ सकतीं। उन्होंने अनुरोध किया कि वे नीचे आकर कागज़ों पर हस्ताक्षर करा लें। आरोप है कि सारी परिस्थिति जानने के बावजूद कार्यालय सहायक ने साफ इनकार कर दिया।
सीढ़ियों पर उखड़ गई साँस, अस्पताल में मौत
मजबूरन श्रेया अपनी माँ को सीढ़ियों पर बैठा-बैठाकर ऊपर ले जाने लगीं। इसी दौरान राधारानी की साँस अचानक उखड़ गई और वे बेहोश हो गईं। डाकघर के अन्य कर्मचारियों की मदद से उन्हें फौरन नीचे लाकर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
‘पिता के बाद अब माँ भी डाक विभाग में ही खो दी’
श्रेया दीक्षित का आरोप है कि कार्यालय सहायक की संवेदनहीनता और उत्पीड़न भरे रवैये ने ही उनकी माँ की जान ली। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के अलावा अब प्रधानमंत्री कार्यालय, डीजी पोस्ट और जिलाधिकारी को भी शिकायत भेजी है। श्रेया ने कहा, “पिता की मौत ड्यूटी के दौरान हुई और अब माँ ने भी डाकघर में ही दम तोड़ा।
विभागीय जाँच के आदेश
उधर, मामला संज्ञान में आने के बाद प्रभारी वरिष्ठ डाक अधीक्षक अलीगढ़ मंडल विनय वार्ष्णेय ने कहा है, यह बेहद गंभीर प्रकरण है। मामले में विभागीय जाँच कराई जाएगी और जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।














